सभागार

सभागार आरक्षण नियम

शर्ते/नियम :-

  • सभागार का आरक्षण व्याख्यानमाला, साहित्यिक / सांस्कृतिक समाहरोह, गोष्ठियों, के अतिरिक्त शैक्षिक सांस्कृतिक तथा साहित्यिक कार्य-कलापों के लिये किया जा सकता है। शर्त यह है कि उक्त दिवस एवं समय पर संस्थान का कोई कार्यक्रम निर्धारित न हो। किसी भी प्रकार का राजनीतिक कार्यक्रम वर्जित है।
  • आरक्षण अधिक से अधिक एक माह पूर्व कराया जा सकता है।
  • आरक्षण हो जाने के पश्चात भी, बिना कोई कारण बताये उसे निरस्त करने का पूर्ण अधिकार निदेशक / सक्षम अधिकारी में निहित होगा।
  • निर्धारित आवेदन पत्र पूर्ण व सही प्रकार से भर कर आरक्षण की धनराशि आवेदक द्वारा संस्थान कोष में जमा की जाएगी। तत्पश्चात सक्षम अधिकारी द्वारा सभागार आरक्षण की कार्यवाही की जायेगी।
  • सक्षम अधिकारी/निदेशक द्वारा आरक्षण निरस्त कर दिये जाने की स्थिति में आवेदक द्वारा जमा शुल्क एवं जमानत की सम्पूर्ण राशि बिना ब्याज के चेक द्वारा वापस की जायेगी।
  • सभागार के आरक्षण के पश्चात आवेदक द्वारा आरक्षित तिथि को निर्धारित समय के भीतर उपयोग न करने पर आरक्षण शुल्क जब्त कर लिया जायेगा।
  • यदि आवेदक सभागार के आरक्षण की तिथि को उसका उपयोग नहीं कर पाता है तथा किसी अन्य तिथि के लिये आरक्षण चाहता है और इसकी सूचना आरक्षण तिथि से 7 दिन पूर्व देता है तो सभागार उपलब्ध होने की स्थिति में ऐसा किया जा सकता है।
  • आवेदक आरक्षण किसी अन्य को हस्तान्तरित नही कर सकता।
  • जमानत की धनराशि सभागार उपयोग के पश्चात वापस लौटाई जायेगी। एक माह के भीतर जमानत की राशि आवेदक द्वारा वापस न लेने की स्थिति में उसे जब्त माना जायेगा।
  • सभागार का कब्जा समारोह/कार्यक्रम/ सत्र प्रारम्भ होने के निश्चित समय से ही दिया जायेगा तथा समारोह समाप्ति के आधा घण्टे बाद ले लिया जायेगा।
  • अतिरिक्त समय के लिये आवेदक को अतिरिक्त शुल्क वहन करना होगा। इसका भुगतान तत्काल करना होगा।
  • समारोह/कार्यक्रम के मध्य सभागार में लगे उपकरणों, यन्त्रों, बिजली, पंखा, फर्नीचर, पर्दो और साज-सज्जा के विभिन्न सामानों को किसी प्रकार की क्षति पहुचाने पर उपर्युक्त जमानत के रूप में जमा की गयी धनराशि से क्षतिपूर्ति की जायेगी और यदि पहुँचायी गयी क्षति जमानत की धनराशि से अधिक हुई तो उसे आवेदक को जमा करना अनिवार्य होगा। हानि/क्षतिपूर्ति के सम्बन्ध में निदेशक / सक्षम अधिकारी का निर्णय अन्तिम होगा।
  • कोई ऐसा कार्यक्रम सभागार में नहीं किया जायेगा जिससे किसी राजनीतिक दल/ व्यक्ति/ संस्था/पक्ष /कापीराइट के अधिकारों का हनन होता हो। यदि ऐसा किया गया तो इस सम्बन्ध में उठने वाले कानूनी या अन्य प्रकार के विवादों का पूर्ण उत्तरदायित्व आवेदक का होगा। उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान ऐसे विवादों के लिये किसी भी प्रकार उत्तरदायी नहीं होगा।
  • सभागार के आरक्षण का तात्पर्य केवल सभागार के भीतर रिक्त स्थान व उसके बरामदे से होगा।
  • सभागार के मंच और उसके भीतर किसी भी भाग में कील आदि नहीं ठोकी जाएगी और न ही किसी अन्य प्रकार से सभागार को क्षतिग्रस्त/गन्दा किया जायेगा।
  • सभागार में लगे हुए फर्नीचर के अतिरिक्त कुर्सियाँ, सोफा आदि लगाने की अनुमति नहीं दी जायेगी। केवल उतने ही व्यक्तियों के बैठने की सुविधा होगी जितनी कुर्सियाँ सभागार में उपलब्ध हैं।
  • सभागार में थूकना, पान-सिगरेट, चाय एवं मद्यपान, जलपान, भोजन आदि सर्वथा वर्जित है। पानी अथवा सामान्य जलपान के लिये बरामदे का उपयोग किया जा सकता है, इस शर्त पर कि उपयोग के बाद उसकी सफाई का दायित्व आवेदक का होगा। संस्थान परिसर में पान मसाला तथा पान आदि थूकने पर आयोजक द्वारा जमानत के रूप में जमाराशि जब्त कर ली जायेगी।
  • हिन्दी संस्थान के किसी भी अधिकारी/कर्मचारी को सभागार के मंच पर आयोजन के किसी भी समय जाने का अधिकार होगा।
  • सभागार में किसी स्थान पर 10 सीटें संस्थान के अधिकारियों/कर्मचारियों के उपयोग के लिये सुरक्षित रहेंगी।
  • पुलिस अथवा ट्रैफिक पुलिस का कार्यक्रम/आयोजन के दिन आवश्यकतानुसार प्रबंध करने का दायित्व आवेदक का होगा।
  • आवेदक अधोलिखित सभी उत्तरदायित्वों को निभाने के लिये व्यक्तिगत/संस्थागत रूप से उत्तरदायी होगा :-
  • सभागार जिस कार्य हेतु लिया गया उसके आयोजन में हुयी भीड़ को पूर्णतया विधि संगत ढंग से नियंत्रित
  • करने का उत्तरदायित्व।
  • (ब) सभागार की सम्पत्ति को किसी भी प्रकार क्षति होने पर उसकी क्षतिपूर्ति का दायित्व आवेदक का होगा।
  • शासन, पुलिस, नगर महापालिका एवं स्थानीय प्रशासन के लागू नियमों के अनुसार कार्यक्रम का आयोजन करने के संबंध में समय व नियमों के पालन का उत्तरदायित्व।
  • सांस्कृतिक कार्यक्रमों के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभाग से आवश्यक लाइसेंस, परमिट आदि प्राप्त करने का उत्तरदायित्व।
  • (य) विज्ञापन आदि के सम्बन्ध में नगर महापालिका अथवा अन्य विभागों एवं संस्थाओं को कर आदि के भुगतान का दायित्व।
  • कार्यक्रम से सम्बन्धित देय अन्य समस्त करों के भुगतान का दायित्व।
  • सभागार के प्रयोग के सम्बन्ध में सभी नियमों का पालन करने का उत्तरदायित्व।
  • जमानत :- सभागार के आरक्षण हेतु शुल्क के अतिरिक्त रूपये एक हजार मात्र (रू0 2,000/-) जमानत के रूप में
  • आवेदक को सक्षम अधिकारी के पास जमा करना अनिवार्य होगा। आवेदक द्वारा मांगे जाने पर जमानत राशि सक्षम अधिकारी द्वारा वापस कर दी जायेगी।
  • हिन्दी संस्थान किसी भी रूकावट के लिये उत्तरदायी नहीं होगा। उत्तम सुविधाएँ सुलभ कराने की दृष्टि से सभागार स्टेज, ध्वनि एवं विद्युत उपकरण आदि से सुसज्जित किया गया है। इन सुविधाओं को बनाये रखने का हर सम्भव प्रयास किया जायेगा, फिर भी किसी कारण से यदि कोई रूकावट पैदा होती है तो आरक्षण शुल्क में किसी प्रकार की कटौती मान्य नहीं होगी। संस्थान अचानक उत्पन्न हुई किसी भी रूकावट के लिये उत्तरदायी नहीं होगा। जनरेटर की सुविधा आवेदक द्वारा मांगे जाने पर प्रदान की जा सकती है इसका शुल्क अलग से देना होगा।
  • सभागार में प्रवेश एवं निकास के समय शान्ति बनाये रखने दायित्व आयोजक का होगा। कार्यालय समय व उसके पश्चात समारोह/कार्यक्रम के समय हिन्दी भवन परिसर में रखे गये वाहनों की सुरक्षा का दायित्व आवेदक का होगा।
  • सभागार में लगे चित्रों की सुरक्षा का दायित्व आवेदक का होगा। चित्रों को किसी प्रकार का नुकसान होने पर जमानत धनराशि जब्त कर ली जायेगी।
  • सभागार का निःशुल्क आरक्षण वर्जित है।
  • नोट:- यदि संस्थाओं द्वारा निर्धारित समय सीमा के अन्तर्गत कार्यक्रम समाप्त नहीं किया गया तो सभागार की
  • बिजली आपूर्ति बन्द कर जमानत धनराशि जब्त कर ली जायेगी।

उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान परिसर में स्थित यशपाल सभागार, निराला साहित्यिक केन्द्र व सभागार, प्रेमचंद सभागार तथा मुक्ताकाश रैदास मंच को साहित्यिक, सांस्कृतिक,शैक्षिक तथा गैर-राजनीतिक कार्यक्रमों हेतु किराए पर दिया जाता है। किराए हेतु पूर्व निर्धारित दरों में मा0 कार्यकारी अध्यक्ष महोदय के अनुमोदनोपरान्त निम्नलिखित संशोधित दरें लागू की जाती हैं :-

यशपाल सभागार प्रस्तावित नई दर अवधि
8 घण्टे के लिए ₹ 15,000=00 प्रातः 8.00 बजे से रात्रि 10.00 बजे के मध्य
4 घण्टे के लिए ₹ 8,000=00 प्रातः 10.00 बजे से दोपहर 2.00 बजे तक
व सायं 4.00 बजे से रात्रि 8.00 बजे तक

निराला सभागार प्रस्तावित नई दर अवधि
8 घण्टे के लिए ₹ 6,000=00 प्रातः 8.00 बजे से रात्रि 10.00 बजे के मध्य
4 घण्टे के लिए ₹ 4,000=00 प्रातः 10.00 बजे से दोपहर 2.00 बजे तक
व सायं 4.00 बजे से रात्रि 8.00 बजे तक

प्रेमचंद सभागार प्रस्तावित नई दर अवधि
8 घण्टे के लिए ₹ 6,000=00 प्रातः 8.00 बजे से रात्रि 10.00 बजे के मध्य
4 घण्टे के लिए ₹ 4,000=00 प्रातः 10.00 बजे से दोपहर 2.00 बजे तक
व सायं 4.00 बजे से रात्रि 8.00 बजे तक

साहित्यिक संस्था द्वारा किसी भी चार घन्टे के लिए सभागार का आरक्षण कराया जाता है तो उसको नई प्रस्तावित दरों में ₹1,000=00 की छूट प्रदान की जाए।

मुक्ताकाश रैदास मंच :- प्रातः 8.00 बजे से रात्रि 10.00 बजे के मध्य होगा। 2 घण्टे का आरक्षण शुल्क ₹500=00 मात्र देय होगा, अतिरिक्त समयावधि के लिए प्रतिघण्टा ₹50=00 की दर से देय होगा।

संस्थाओं द्वारा निर्धारित समय-सीमा के अन्तर्गत यदि कार्यक्रम समाप्त नहीं किया जाए तो सभागार की बिजली आपूर्ति बन्द कर दी जाए तथा जमानत धनराशि जब्त कर ली जाए। उक्त दरें/व्यवस्था दिनांक 01 जुलाई, 2013 से लागू मानी जायेंगी। ।